Pans Labyrinth - Hindi
रणवीर ने ट्रिगर दबाया — लेकिन पिस्तौल में से फूल निकले। गेंदा, गुलाब, और चमेली।
“यह तुम्हें रास्ता दिखाएगी,” पैन ने कहा। रणवीर किले में लौटा। उसने देखा कि सीमा अपने नवजात भाई को गोद में लिए हुए है। माँ मर चुकी थी। रणवीर ने सीमा पर पिस्तौल तान दी।
पैन की आवाज़ गूंजी: “जो सच्चा दिल रखता है, उसे कोई हथियार नहीं छू सकता।”
सीमा भागी। उसकी माँ की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। रणवीर ने फैसला किया कि वह बच्चे को बचाएगा, माँ को नहीं। सीमा वापस भूलभुलैया में पहुँची। पैन ने उससे कहा, “एक रास्ता है। तुम अपनी माँ की जान ले सकती हो, और राजकुमारी बन सकती हो। या तुम इंसान रह सकती हो और अपने छोटे भाई को बचा सकती हो।” pans labyrinth hindi
रणवीर को पता चल गया था। उसने सीमा को जंगल में घसीटते हुए पुकारा, “तू नक्सलियों से मिलती है, है ना?” उसने उसके हाथ से जादू की चॉक छीन ली, जिससे भूलभुलैया के दरवाजे खुलते थे।
, एक 11 साल की लड़की, अपनी माँ और नए पिता कैप्टन रणवीर सिंह के साथ एक पहाड़ी किले में रहती थी। रणवीर सिंह एक कठोर सेना अधिकारी था। वह नक्सलियों को खत्म करना चाहता था, और उसका दिल पत्थर का था।
पैन ने गहरी साँस ली। “तो फिर, मैं तुम्हें अमरता नहीं दे सकता। लेकिन शायद... अमरता हमेशा खून में नहीं होती।” एक 11 साल की लड़की
जब सीमा की आँख खुली, तो उसके भाई के हाथ में एक सुनहरा पर था — और भूलभुलैया का दरवाज़ा उसकी यादों में बंद हो गया। – “सच्ची अमरता वह नहीं जो तुम पाते हो, बल्कि वह जो तुम दूसरों के लिए बनाते हो।”
पैन ने सीमा को एक चाकू दिया और कहा, “तुम्हें अपनी माँ के दूध की एक बूँद चाहिए। उसके बच्चे के खून की एक बूँद चाहिए। अन्यथा राजकुमार नहीं जागेगा।” सीमा ने मना कर दिया। “मैं किसी की हत्या नहीं करूँगी, चाहे वह अजन्मा बच्चा ही क्यों न हो!” पैन ने गुस्से में उससे कहा, “तो तुम हमेशा इंसान ही रहोगी, और एक दिन मर जाओगी।”
(Pan's Labyrinth: The Secret of the Forest) अध्याय 1: सिपाही की बेटी 1947 का दौर था। आज़ादी के बाद का दंगल। सिंध से आए शरणार्थी अपनी ज़मीनों के लिए तरस रहे थे, और एक तरफ जंगलों में नक्सलियों की गूंज थी। pans labyrinth hindi
सीमा की माँ बीमार रहने लगी थी। डॉक्टर ने कहा कि बच्चा पेट में है, लेकिन माँ कमज़ोर हो रही थी। रणवीर ने सीमा से कहा, “किताबों में मुंह मत लगाओ। असली दुनिया खून और मिट्टी से बनी है।”
सीमा ने कहा, “मैं राजकुमारी नहीं बनना चाहती। मैं बहन बनना चाहती हूँ।”
भूलभुलैया के बीच में एक बूढ़ा आदमी बैठा था। उसका चेहरा हिरण की तरह था, और आँखों में चाँदनी थी।





